दूर रखना मग़र, दूरी मत रखना।
वफ़ा के खेल में,मज़बूरी मत रखना।।
ये ख़्वाहिशों का शहर है,संभल कर चलना।
तिल रखना, चेहरा फ़क़त सिंदूरी मत रखना।।
नसीब मैं है तो वो,चलकर आएगा।
धंधे में घाटा रखना,जी -हुजीरी मत रखना।।
वक़्तके साथ चलना,गर उरूज पे जाना हो।
अंगरेजी ज़बान रखना, हिन्दी की फ़क़ीरी मत रखना।।
सुना है शहर में उसके,चर्चे बहुत हैं "अश्क़"।
कहता था चेहरा ग़ुलाब रखना अंगूरी मत रखना।।
वफ़ा के खेल में,मज़बूरी मत रखना।।
ये ख़्वाहिशों का शहर है,संभल कर चलना।
तिल रखना, चेहरा फ़क़त सिंदूरी मत रखना।।
नसीब मैं है तो वो,चलकर आएगा।
धंधे में घाटा रखना,जी -हुजीरी मत रखना।।
वक़्तके साथ चलना,गर उरूज पे जाना हो।
अंगरेजी ज़बान रखना, हिन्दी की फ़क़ीरी मत रखना।।
सुना है शहर में उसके,चर्चे बहुत हैं "अश्क़"।
कहता था चेहरा ग़ुलाब रखना अंगूरी मत रखना।।