Saturday, October 25, 2014

मिलोगे ख़्वाब में जब भी, तो कह देंगे।
तुम्हारे बगैर भी हम, जिन्दा रह लेंगे।।

ग़म तो इन्सान की, एक हक़ीक़त है।
यही समझ के, गम तेरा सह लेंगे।।

तेरे जाने के गम में, हम न रोयेंगे सनम।
आँख से आँशू, खुद-ब- खुद बह लेंगे।।

तुम चले गए दिल को, किस ख़लल में छोड़कर।
क्या पता था ख़्वाब, अब तेरी जगह लेंगे।।

क़सम खाए थे आने की, तुम इस तरह की।
तेरा नाम दिल में ''अश्क '' जब भी लेंगे।।